
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए राज्य सरकार बड़े बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।
हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में 12 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाने की योजना पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
यह कदम न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देगा।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में कई प्रमुख एक्सप्रेस-वे संचालित हैं जबकि कुछ निर्माणाधीन हैं।
नए एक्सप्रेस-वे बनने के बाद राज्य में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का बड़ा नेटवर्क तैयार होगा।
इससे शहरों के बीच यात्रा समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक सर्वे में बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सेवा क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र और कृषि क्षेत्र तीनों ने विकास में अहम योगदान दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क और परिवहन ढांचा निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को काम मिलेगा।
साथ ही आसपास के क्षेत्रों में होटल, व्यापार और सेवाओं का विस्तार होगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्रदेश में मेट्रो और अन्य परिवहन परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे शहरी ढांचा मजबूत होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को निवेश और विकास के मामले में अग्रणी राज्य बनाया जाए।
बेहतर सड़क संपर्क, औद्योगिक गलियारों का विकास और आधुनिक सुविधाएं इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है।
एक्सप्रेस-वे नेटवर्क राज्य के विकास को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।