
हरदोई। जिले के भूपतिपुर नगला स्थित जनता इंटर कॉलेज एक बार फिर विवादों में आ गया है। तहसील प्रशासन की जांच में कॉलेज भवन सरकारी भूमि पर बने होने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा कॉलेज की मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र भेजा गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
प्रशासनिक जांच के अनुसार जनता इंटर कॉलेज का भवन गाटा संख्या 877 की लगभग 0.4370 हेक्टेयर ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर बनाया गया है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि यह निर्माण बिना वैध अनुमति के किया गया था। इसी भवन के आधार पर कॉलेज की मान्यता भी प्राप्त कर ली गई थी, जो अब जांच के बाद सवालों के घेरे में आ गई है।
नायब तहसीलदार द्वारा की गई विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई, जिसके आधार पर एसडीएम ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामला
यह मामला उस समय और सुर्खियों में आ गया जब कॉलेज संचालक यदुनंदन लाल वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथित रूप से धार्मिक पात्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई।
घटना के बाद क्षेत्र में विरोध शुरू हुआ और प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठने लगी। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए संचालक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
प्रशासन ने दिए सख्त संकेत
एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जिस भूमि पर कॉलेज संचालित हो रहा है वह पूरी तरह सरकारी जमीन है। अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही कॉलेज की मान्यता को लेकर भी विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा प्राथमिकता है और नियमों के विरुद्ध बने किसी भी संस्थान पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले को लेकर पुलिस ने रितेश पासी समेत पांच नामजद और लगभग 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस जांच दोनों समानांतर चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्र में बढ़ी हलचल
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों की नजर अब आगे होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है। शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई से आने वाले दिनों में बड़ा फैसला लिया जा सकता है।